The Universe Facts यानि ब्रह्मांड के बारे में जो
आप नहीं ही जानते होंगे | तो चलिए जानते है |
हमारी दुनिया कितनी खूबसूरत है, हैना ? पर इस दुनिया में सब अपनी रोज की जिंदगी में busy रहते हैं | पर क्या आपने कभी सोचा है कि यह Universe जिसमें आप इतने सालों से रह रहे हो इसकी शुरुआत कैसे हुई | जितने भी घटनाएं हुई हैं उसकी शुरुआत कहां से हुई | वैज्ञानिकों को यह पता चला कि यह हमारा Universe चारों ओर से फैल रहा है | यह Universe हर एक second,size में बढ़ता जा रहा है| तो यह जानने के लिए इस ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई हमें सिर्फ समय को रोकना होगा और पीछे जाना होगा | चलिए अब थोड़ा पीछे चलते हैं कुछ ज्यादा ही पीछे जहा से इन सबकी शुरुआत होती है |
What is the Big Bang Theory ? आखिर Space कैसे बना ?
समय कब अस्तित्व में आया ?
आज से करीब 13.8 अरब साल पहले यह है हमारा अनंत ब्रह्मांड | सब कुछ इस परमाणु से भी छोटे से ऊर्जा के गोले के अंदर समाया हुआ है | इस Universe में जो भी होने वाला है , जो भी घटना घटने वाली है सब इसमें मौजूद है | इस ऊर्जा के गोले के अंदर समय का कोई अस्तित्व नहीं है | पर अभी दुनिया जिसे हम जानते हैं वह सब की शुरुआत होने वाली है | किसी रहस्य में कारण के चलते एक Atom के size से भी छोटा ब्रह्मांड अचानक अपने अस्तित्व में आया |
How old is the Universe ? How Universe formed ?
इस ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे और कब हुई ? एक रहस्य !
1 second के करोड़वे हिस्से के अंदर यह ब्रह्मांड अपने अस्तित्व में फैल गया और इसे ही हम कहते हैं THE BIG BANG | उस समय उस Blast में सारी ऊर्जा मतलब pure energy पूरी तरह से फैल गई और इसी समय इसी उर्जा के कारण space का जन्म हुआ और साथ ही साथ, समय अपने अस्तित्व में आया | यह शुद्ध ऊर्जा यानी pure energy करोड़ों साल तक चलती रही | बाद यह उर्जा इतने सालों में धीरे-धीरे ठंडी होने लगी |
इसी उर्जा के चलते matter का formation हुआ और वह छोटे-छोटे subatomic particles के रूप में जिसे हम atom कहते हैं quarks, electrons, protons, neutrons इन सब चीजों का formation हुआ | असल में दो प्रकार की चीजें बनी थी आधी थी matter मतलब वह परमाणु और बाकी चीज है जिससे यह दुनिया बनी है, जिससे आप बने हो और दूसरा ग्रुप था anti-matter | जो matter का opposite है और क्योंकि anti-matter, matter का विपरीत है इसलिए जब वह आपस में मिलते हैं तब वो एक दूसरे को खत्म कर देते थे |
पर हुआ ये की matter , anti-matter से थोड़ा ज्यादा था | सब खत्म होने के बाद भी एक matter का गोला बच गया था और उसके विपरीत और कुछ नहीं था जो उसे खत्म कर सके | इसलिए उसका विस्फोट हो गया , जोकि हम लोगों के लिए बहुत lucky था क्योंकि इसी एक गोले से अब पूरी दुनिया बनने वाली है | इसी एक matter के गोले के चलते stars ओर planets वाला universe अस्तित्व में आया | शुरू की big bang के चलते यह ब्रह्मांड अस्तित्व में आया और matter के गोले के इस विस्फोट के चलते ब्रह्मांड की अंदर की चीजें अस्तित्व में आई | उस गोले के blast होने के बाद सब कुछ ठंडा हो गया और आखिर में जाकर सब कुछ बनना शुरू हो गया |
Facts about stars : How stars formed ? stars in the sky....
तारो का निर्माण कैसे हुआ ?
Planetesimals ,धूल जैसे दिखने वाले इस ब्रह्मांड में एक force अपना काम करने लगा | उस force के चलते हर एक atom आपस में जुड़ने लगे एक दूसरे की तरफ आकर्षित होने लगे और यह force कोई और force नहीं बल्कि यह है Force of Gravity यानी गुरुत्वाकर्षण बल | शुरुआत में इस ब्रह्मांड में ज्यादातर hydrogen के atoms exist करते थे |गुरुत्वाकर्षण बल जगह-जगह उस hydrogen के परमाणु को आपस में compress करने लगा मतलब संकुचित करने लगा | जिस जगह hydrogen के परमाणु गुरुत्वाकर्षण बल के चलते सामने आते थे उस जगह का तापमान लाखो डिग्री तक पहुंच जाता था |
Compress होते होते जब एक जगह की temperature एक करोड़ डिग्री तक पहुंच गई तब एक प्रक्रिया शुरू हो गई जिसे हम Nuclear Fusion कहते हैं | उससे बहुत ही ज्यादा energy निकली और उसी समय कुछ ऐसा हुआ | इस ब्रह्मांड का पहला तारा अस्तित्व में आया।
Galaxy facts: Formation of galaxies in the universe.......
आकाशगंगा का निर्माण .....
फिर इस तारे को अपना एक दोस्त मिल गया और इसी प्रक्रिया से शुरुआत में दो तीन सौ तारे बने और लाखों साल के अंतराल करोड़ों तारे अस्तित्व में आ गए जी हां यही वह तारे हैं जो आप रात को आसमान में देखते हो | वह ब्रह्मांड के शुरुआत में इसी तरह बने थे धीरे-धीरे यह तारे गुरुत्वाकर्षण केबल के चलते सामने आने लगे वह आपस में एक ग्रुप में रहने लगे एक साथ रहने लगे और और वह तारों का समूह इस ब्रह्मांड में दिखने लगा और अलग-अलग शेप और साइज के ग्रुप का फॉरमेशन हुआ वह नजारा कुछ ऐसा दिखता है और इन्हीं कहते हैं हम Galaxies यानि आकाशगंगा।
इसी तरह लाखों-करोड़ों और अरबों Galaxies यानी आकाशगंगाओं का जन्म हुआ और इन्हीं Galaxies के समुद्र में कहीं बीच में एक ऐसी galaxy बनी | और इस galaxy का नाम है The Milky Way Galaxy यानी वो galaxy जिसमे हम और आप मौजूद हैं |
Solar System : How the solar system was formed ?
How was the Sun formed ? When was the Earth born ?
सौर मंडल , सूरज और पृथ्वी का जन्म कैसे हुआ अब ये जानिए ...
इस galaxy के अंदर खरबो तारे मौजूद थे पर कुछ dust अभी भी बचा हुआ था जो कि space में तैर रहा था | पर हजारों साल के अंतराल में gravity अपनी power दिखाने लगी | जो dust मौजूद थी वह भी गुरुत्वाकर्षण बल के चलते आपस में सामने आने लगी | इसी परिस्थिति के बीच में बहुत सारे Planets यानी ग्रह बनने लगे सारे Asteroids जैसे दिखने वाले टुकड़े gravity के चलते आपस में जुड़ने लगे। और इन्हीं ग्रहों के बनने के दौरान एक rocky planet भी बनने लगा | यानी ऐसा ग्रह जिसका सतह solid था और किसे पता था कि इसका नाम होने वाला है Earth यानी धरती | जिसमें आपका और हम सब का जन्म होने वाला है|
Solid टुकड़े आपस में जुड़कर प्लेनेट तो बन गए पर जो बचे खुचे pure hydrogen के atoms थे वह भी आपस में मिलने लगे | और जैसा कि मैंने तारे के निर्माण के बारे में बताया था बिल्कुल वही घटना यहां भी हुई | कुछ बचे हुए hydrogen के atoms से एक छोटा सा तारा बनने लगा | सारे hydrogen आपस में करीब आने लगे और इतनी temperature बढ़ गई कि nuclear fusion की शुरुआत हो गई | एक नया तारा जिसका नाम है सूरज (Sun) उसका जन्म हो गया |
जब यह सूरज बना तब यह एक बहुत ही तेज solar wind को erupt किया यानि विस्फोट किया | जिसके चलते बाकी सारे धूल के कण solar system यानी solar system के बाहर चले गए | और solar system मैं वही आठ ग्रह और बाकी उपग्रह बच गए जो की size में बड़े थे | तब solar system वैसा दिखने लगा जैसा वह भी दिखता है |
Solar System facts : Solar System Planets की जानकारी....
सौर मंडल के ग्रहों की जानकारी ..., आगे पढ़ते रहे !
Solar system के बाहर ही तरफ बहुत सारे gas के planets बन चुके थे | जैसे कि
Jupiter यानी बृहस्पति,
Saturn यानी शनि ग्रह,
Uranus यानी अरुण ग्रह,
और Neptune यानी वरुण ग्रह
और solar system के अंदर की तरफ इन rocky planets का जन्म हो गया था यानी ठोस सतह वाले ग्रह | जैसे
Mercury यानी बुध ग्रह,
Venus यानी शुक्र ग्रह,
Mars यानी मंगल ग्रह,
और आखिर में हमारी प्यारी सी Earth यानि पृथ्वी।
और यही वह पृथ्वी है जिसके इतने बड़े सतह पर से एक जगह पर बैठकर आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हो |आपके जन्म के पहले इस ब्रह्मांड में इतना कुछ घट चुका है | Big Bang से जन्मा वह matter और उस matter से जन्मा यह तारा और इस तारे के बाद ग्रहों की उत्पत्ति और इसी के चलते आपका जन्म |
Conclusion: तोह कैसा लगा हमारा solar system
यही थी आपकी और आपके पहले की कहानी ये Article आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करके हमे जरूर बताइए और इस आर्टिकल को शेयर जरूर करिए ताकि आपके दोस्तों को भी पता चले की उनके जन्म से पहले क्या-क्या हो चूका है | ऐसे और Articles के लिए इस Blog को subscribe जरूर करियेगा | Article को पद्धने के लिए आपका खूब खूब धन्यवाद | अब मिलते है आगले Article पर तब तक के लिए जय हिन्द वन्दे मातरम !!














No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.